फिल्म में इंटरवल के बाद अंधेरे में अपनी सीट की ओर लौटती महिला ने कोने वाली सीट पर बैठे व्यक्ति से पूछा भाई साहब, क्या बाहर जाते समय मैंने गलती से आपका पैर कुचल दिया था? दर्शक (गुस्से में) - अब क्या माफी मांग रही हैं? महिला - माफी-वाफी नहीं भैया, इसका मतलब मेरी सीट इसी लाइन में है।
दीपक जैसवानी, इंदौर एक एक्सीडेंट हो गया। बहुत भीड़ जमा थी। रायचंदजी को देखने का मौका नहीं मिल रहा था। उन्होंने दिमाग लगाकर बोला - हट जाओ सब ये मेरा बाप है। भीड़ पीछे हटी तो देखा ...एक कुत्ता मरा पड़ा था।
गगन शुक्ला, भोपाल सोनू- अरे, ये तेरे हाथ-पैर कैसे टूट गए? मोनू- वह पड़ोस में जो चायनीज रहता है उसकी बीवी मर गई। पिछले साल ही उनकी शादी हुई थी। सोनू- तो? मोनू- तो क्या, वह रो रहा था तो मैंने कहा- भाई दुखी मत हो। बीवी एक साल तो रही, चाइना का माल और कितना चलता।
दीपक जैसवानी, इंदौर एक एक्सीडेंट हो गया। बहुत भीड़ जमा थी। रायचंदजी को देखने का मौका नहीं मिल रहा था। उन्होंने दिमाग लगाकर बोला - हट जाओ सब ये मेरा बाप है। भीड़ पीछे हटी तो देखा ...एक कुत्ता मरा पड़ा था।
गगन शुक्ला, भोपाल सोनू- अरे, ये तेरे हाथ-पैर कैसे टूट गए? मोनू- वह पड़ोस में जो चायनीज रहता है उसकी बीवी मर गई। पिछले साल ही उनकी शादी हुई थी। सोनू- तो? मोनू- तो क्या, वह रो रहा था तो मैंने कहा- भाई दुखी मत हो। बीवी एक साल तो रही, चाइना का माल और कितना चलता।
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