Friday, 20 November 2015

तब ऐसा लगता है, जैसे गर्लफ्रेंड से मिलकर वापस बीवी के पास पहुंच गए

मेट्रो ट्रेन में सफर करने वालों की नई समस्या : ट्रेन से उतरकर मिनी बस पकड़ो तो लगता है जैसे गर्लफ्रेंड से मिलकर वापस बीवी के पास पहुंच गए।   जरूरी नहीं की हर अच्छी लगने वाली चीज समझ में भी आए जिहाल-ए -मस्ती मुकुन बरंजिश, बेहाल-ए हिजरा बेचारा दिल है आज तक समझ नहीं आया। फिर भी चल गया।   दुनिया का सबसे कठिन सवाल होता है ... "और बताओ?" और उससे भी कठिन उसका जवाब होता है "सब बढ़िया...तुम बताओ?" अब बताओ...।   बीवी मंदिर गई और मन्नत का धागा बांधने के लिए हाथ उठाए। फिर कुछ सोचकर धागा बांधे बिना ही हाथ नीचे कर लिए।  पति: ये क्या? मन्नत नहीं मांगी?  पत्नी: मांगने ही लगी थी कि ईश्वर आपकी तमाम मुश्किलें दूर कर दे। फिर सोचा कहीं मैं ही न निपट जाऊं।

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