वाइफ - मेहमान आ रहे हैं और घर में दाल के सिवा कुछ नहीं है। हसबैंड - जब वो आएं तो किचन में एक बर्तन गिरा देना, मैं पूछूं तो कहना कि कोरमा गिर गया है... फिर थोड़ी देर में एक और बर्तन गिरा देना मैं पूछूं तो कहना कि बिरयानी गिर गई है फिर मैं कहूंगा कि जो दाल वगैरह बची है वही ले आओ... कुछ देर बाद मेहमान आ गए फिर अचानक किचन में से तपेली गिरने की आवाज आई पति - क्या हुआ, क्या गिरा दिया पत्नी - आंसू पोंछते हुए, दाल गिर गई है। आशीष मेहता दो लखनवी बच्चों की लड़ाई हो रही थी। पहला : देखिए अगर आप हमारी बात से इत्तेफाक नहीं करेंगे तो हम आपकी वालिदा मोहतरमा की शान में गुस्ताख कलिमात पेश करेंगे। दूसरा: हजूर अगर आपने इस कदर जलालत की जुर्रत की तो फिर हम भी आपके रुखसार मुबारक पे ऐसा तमाचा रसीद करेंगे कि गाल-ए-मुबारक बंदर की तशरीफ की मानिंद सुर्ख हो उठेगा। इसे कहते हैं तहजीब...सीखिए।
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